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22 मई से उज्जैन में भी कोरोना पॉजीटिव मरीजों का प्लाज्मा थैरेपी से उपचार प्रारम्भ होगा
May 21, 2020 • EDITOR • उज्जैन शहर

उज्जैन। शुक्रवार 22 मई से उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजीटिव मरीजों का प्लाज्मा थैरेपी से उपचार प्रारम्भ होगा। यह थैरेपी केवल उन्हीं कोरोना पॉजीटिव मरीजों को दी जायेगी, जो ऑक्सीजन पर हैं। प्लाज्मा थैरेपी के लिये ऐसे गंभीर कोरोना पॉजीटिव मरीज जो कोरोना से युद्ध जीतकर घर लौटे हैं, से प्लाज्मा डोनेट करना होगा। प्लाज्मा डोनेशन एक तरह से ब्लड डोनेशन जैसा ही है। इससे किसी भी व्यक्ति को कोई हानि नहीं होती है और उनके शरीर में तुरन्त ही रक्त का निर्माण होना प्रारम्भ हो जाता है।
सिंहस्थ मेला कार्यालय में इस सम्बन्ध में संभागायुक्त श्री आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सिंह, अपर कलेक्टर श्री क्षितिज सिंघल एवं आरडी गार्डी के नोडल अधिकारी श्री एसएस रावत की उपस्थिति में आरडी गार्डी के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.आशीष पाठक एवं डॉ.मंजू पुरोहित द्वारा प्लाज्मा थैरेपी के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में डॉ.आशीष पाठक ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिये सम्पूर्ण देश में 61 केन्द्रों का चयन किया गया है, उनमें आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भी एक है। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थैरेपी के लिये ऐसे कोरोना पॉजीटिव मरीजों से प्लाज्मा दान में लेना होगी, जो कि कोरोना से संघर्ष करके ठीक हुए हैं। इसके लिये ऐसे मरीजों का चिन्हांकन एवं उनसे स्वेच्छा से प्लाज्मा डोनेट करवाने के लिये अभियान चलाया जाना होगा। प्लाज्मा थैरेपी उन्हीं मरीजों को दी जायेगी, जिनके ब्लड ग्रुप डोनेट करने वाले के ब्लड ग्रुप से मैच करेंगे। यह थैरेपी हर कोरोना पॉजीटिव मरीज को नहीं दी जायेगी, सिलेक्टिवली ऑक्सीजन पर चल रहे गंभीर मरीजों को ही इस तरह का उपचार दिया जायेगा।
डॉ.आशीष पाठक ने बताया कि ब्लड डोनेट करने के बाद चार घंटे के अन्दर प्लाज्मा तैयार हो जायेगा और उसके बाद मरीज का उपचार किया जा सकेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिये डोनर का चयन विशेष ध्यान रखकर किया जाना होगा। डॉ.पाठक ने बताया कि कोरोना वायरस से पीड़ित गंभीर मरीज के स्वस्थ होने की प्रक्रिया में उसके शरीर में एंटीबॉडिज बन जाती है और यह एंटीबॉडी कोरोना वायरस से संघर्ष करने में सक्षम होती है। इसलिये स्वस्थ हो चुके मरीज के रक्त से प्लाज्मा (एंटीबॉडी) लेकर संक्रमित व्यक्ति को चढ़ाई जाती है। इससे संक्रमित व्यक्ति में कोरोना वायरस से लड़ने के लिये इम्युनिटी बढ़ जाती है। डॉ.पाठक ने बताया कि प्लाज्मा डोनेट करने वाले व्यक्ति की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। संक्रमित व्यक्ति को प्लाज्मा 20 एमएल से लेकर 500 एमएल तक दिया जायेगा और एक पेशेंट को यह दो बार दिया जा सकेगा।
डोनर से सम्पर्क करने के लिये टीम गठित
संभागायुक्त श्री आनन्द कुमार शर्मा एवं कलेक्टर श्री अशीष सिंह ने निर्देश दिये कि प्लाज्मा डोनेट करने हेतु चयनित डोनर से सम्पर्क करने हेतु महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित की जाये। यह टीम चिन्हित डोनर से सम्पर्क कर उनसे प्लाज्मा डोनेट करने के लिये आग्रह करेगी। संभागायुक्त ने कहा है कि सभी डोनर्स को यह बताना आवश्यक है कि वे उनके शरीर से बहुत ही कम रक्त देकर किसी व्यक्ति की जान बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा पुण्य का कार्य हो नहीं सकता। बैठक में बताया गया कि अभी तक 46 व्यक्तियों को चिन्हित कर लिया गया है, जो कि प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।
आज दोपहर 12 बजे प्लाज्मा थैरेपी प्रारम्भ होगी
बैठक में आरडी गार्डी के डॉ.आशीष पाठक एवं डॉ.मंजू पुरोहित ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं तथा 22 मई को दोपहर 12 बजे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थैरेपी प्रारम्भ कर दी जायेगी। इस अवसर पर संभागायुक्त, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद रहेंगे।