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दिव्यांग विवाह सम्मेलन स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जायेगा, हैण्ड सेनिटाईजर्स के काउंटर प्रवेश द्वार पर होंगे तैनात, हाथ धुलवाने के बाद ही होगा भोजनशाला में प्रवेश
March 7, 2020 • अपूर्व देवड़ा • उज्जैन शहर

उज्जैन। आगामी 11 और 12 मार्च को भव्य स्तर पर दिव्यांग विवाह सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। आयोजन की तैयारी जिला प्रशासन और स्थानीय आनन्दकों द्वारा जोर-शोर से की जा रही है। इसी उपलक्ष्य में जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री करण कुमारिया, अपर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी और अन्य अधिकारियों द्वारा शनिवार को कार्यक्रम स्थल मेघदूत रिसॉर्ट का निरीक्षण किया गया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद कार्यक्रम स्थल पर श्री करण कुमारिया की अध्यक्षता में व्यवस्थाओं हेतु बैठक भी आयोजित की गई।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी द्वारा जानकारी दी गई कि दो दिवसीय दिव्यांग विवाह सम्मेलन में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। सम्मेलन में शामिल होने वाले आगन्तुकों के लिये मुख्य प्रवेश द्वार और भोजनशाला के प्रवेश द्वार पर हैण्ड सेनिटाईजर्स के काउंटर लगाये जायेंगे, जहां एक टीम भी तैनात की जायेगी। सभी अतिथियों के हाथ धुलवाने के पश्चात उन्हें कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कराया जायेगा। साथ ही भोजनशाला में प्रवेश करवाने से पहले भी अनिवार्य रूप से सभी के हाथ धुलवाये जायेंगे।
बैठक में जानकारी दी गई कि कार्यक्रम स्थल के अलावा जहां दिव्यांगजनों के परिवारजन ठहरेंगे, वहां भी मेडिकल टीम की तैनाती की जायेगी। विभिन्न जनपदों से आने वाले दिव्यांगजन और उनके परिवारवालों को सभी मूलभूत सुविधाएं सम्बन्धित जनपद पंचायतों के सीईओ उपलब्ध करायेंगे। बैठक में कार्यक्रम स्थल के पहले मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाईट्स दुरूस्त करवाये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही जहां आवश्यकता हो, वहां हैलोजन लगाये जाने के लिये भी कहा गया।
गौरतलब है कि दिव्यांग विवाह सम्मेलन हेतु प्रवेश के लिये प्रवेश-पत्र जारी किये जायेंगे। बिना पास और आईडी के प्रवेश नहीं होगा। दिव्यांगजनों के परिवारवालों को कार्यक्रम स्थल पर लाने-ले जाने के लिये 30 मैजिक, 30 ई-रिक्शा और 15 बसें उपलब्ध कराई जायेंगी।कार्यक्रम स्थल पर 20 सफाईकर्मी निरन्तर स्वच्छता बनाये रखेंगे। अपर कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी द्वारा 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों को भोजन के सेक्शन में तैनात करने के निर्देश दिये गये। जगह-जगह डस्टबिन लगाये जाने के लिये कहा गया।
जानकारी दी गई कि मुख्य समारोह 12 मार्च को आयोजित किया जायेगा, जिसमें सुबह बारात निकाली जायेगी। इनमें आनन्दकों की मुख्य भूमिका रहेगी। बारात हेतु घोड़े, बग्घी, ई-रिक्शा और ओपन बस की व्यवस्था की जायेगी, जिन्हें फूलों से विशेष रूप से सुसज्जित किया जायेगा। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी द्वारा निर्देश दिये गये कि जिन स्थलों पर दिव्यांगजन और उनके परिवारजनों को ठहराया जायेगा तथा मुख्य कार्यक्रम स्थल पर धुम्रपान, मांसाहार और शराब सेवन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा, यह सुनिश्चित किया जाये। दिव्यांगजनों को व्हील चेयर से कार्यक्रम स्थल पर लाने-ले जाने हेतु कोटवारों की तैनाती करने के निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, सेवाधाम आश्रम के संचालक श्री सुधीरभाई गोयल, श्री केशरसिंह पटेल, श्री सुरेन्द्रसिंह अरोरा, श्री गोविन्द खंडेलवाल, श्री योगेश व्यास, श्री पंकज मारू, श्री प्रकाश चित्तौड़ा, श्री नासीर बेलिम, श्री शमीम अहमद, श्री आबिद मीर, श्री शफीक खान मंसूरी और अन्य आनन्दक तथा समाजसेवी मौजूद थे।
विवाह का न्यौता सबसे पहले रखा गया धार्मिक स्थलों पर
दिव्यांग विवाह सम्मेलन के निमंत्रण-पत्र परम्परा अनुसार सर्वप्रथम धार्मिक स्थलों पर शुक्रवार को रखे गये। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री करण कुमारिया, अपर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी, सेवाधाम आश्रम के संचालक श्री सुधीरभाई गोयल, श्री केशरसिंह पटेल, श्री सुरेन्द्रसिंह अरोरा, श्री गोविन्द खंडेलवाल, श्री योगेश व्यास, श्री पंकज मारू, श्री प्रकाश चित्तौड़ा, श्री नासीर बेलिम, श्री शमीम अहमद, श्री आबिद मीर, श्री शफीक खान मंसूरी और अन्य आनन्दकों द्वारा चिन्तामन गणेश मन्दिर, मौलाना मौज की दरगाह और गुरूद्वारे पर जाकर विवाह का निमंत्रण-पत्र रखा गया।