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कलेक्टर द्वारा महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई
February 17, 2020 • अपूर्व देवड़ा • उज्जैन शहर

उज्जैन। सोमवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री शशांक मिश्र की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत आने वाली सेवाओं की समीक्षा की गई। बैठक में जिला क्षय अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश में उज्जैन जिले को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस हेतु क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से रोगियों को समय पर उपचार और बलगम की समय पर जांच सहित विभिन्न मापदण्डों पर जिले में बेहतर कार्य किया गया है।

कलेक्टर श्री शशांक मिश्र द्वारा निर्देश दिये गये कि क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में और बेहतर कार्य किये जायें तथा रोगियों को प्रदान की जाने वाली भुगतान राशि को शीघ्र उपलब्ध कराया जाये। जिले में टीबी नोटिफिकेशन लक्ष्य-2020 के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान तराना विकास खण्ड में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम प्रतिशत कार्य हुआ था। कलेक्टर ने इस पर नाराजगी व्यक्त की और शीघ्रता से लक्ष्य को पूरा करने के लिये कहा।
भैरवगढ़ और संजय नगर स्वास्थ्य संस्थाओं में क्षय उन्मूलन के अन्तर्गत कार्य संतोषजनक न होने पर कलेक्टर ने निर्देश दिये कि उक्त दोनों संस्थाओं के मेडिकल आफिसर जिला क्षय अधिकारी और सीएमएचओ की उपस्थिति में बैठक कर काम में सुधार लायें।
परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया कि उज्जैन जिले में 13 हजार लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 7798 नसबन्दी ऑपरेशन किये जा चुके हैं। कलेक्टर ने निर्धारित लक्ष्य को समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिये। खाचरौद में नसबन्दी शिविर की संख्या कम होने पर कलेक्टर ने समय-समय पर शिविर आयोजित किये जाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर द्वारा उन्हेल में लक्ष्य अनुरूप उपलब्धी न पाये जाने पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी को तलब किया गया। खण्ड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि उन्हेल और खाचरौद में ऑपरेशन थिएटर क्रियाशील नहीं है। विकास खण्ड में हितग्राही उपलब्ध है किन्तु सप्ताह में केवल एक नसबन्दी शिविर का आयोजन नागदा में किया जाता है, जिस कारण लक्ष्य पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिये कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल उन्हेल में सप्ताह में दो बार नसबन्दी शिविर आयोजित करवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
उज्जैन शिविर में भी लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धी कम होने पर कलेक्टर द्वारा असंतोष व्यक्त किया गया तथा सिविल सर्जन, आरएमओ और सहायक कार्यक्रम प्रबंधक एनयूएचएम को लक्ष्य पूर्ति हेतु निर्देश प्रदान किये गये। पीपीआईयूडी के अन्तर्गत उज्जैन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने पर कलेक्टर ने समस्त बीएमओ जिनका लक्ष्य पूर्ण नहीं हुआ है, को एससीएन जारी करने के निर्देश दिये। खण्ड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि कुछ स्थानों पर प्रसव केन्द्रों में कार्यरत स्टाफ नर्स, एएनएम प्रशिक्षित नहीं है, कलेक्टर ने इस हेतु शीघ्र-अतिशीघ्र प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा के दौरान प्रायवेट विद्यालयों में भी आरबीएसके दल द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु निर्देश प्रदान किये गये। कुछ खण्ड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि आरबीएसके दल में कई विकास खण्डों में दल का पूरा स्टाफ उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में पूर्व निर्धारित विद्यालयों और आंगनवाड़ियों के बच्चों की स्क्रीनिंग करने में अत्यन्त परेशानी होती है। कलेक्टर ने इस पर निर्देश दिये कि आरबीएसके दल और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और समन्वय बैठक आयोजित की जाये, जिसमें उन्हें मूलभूत जानकारी प्रदान की जाये, ताकि स्क्रीनिंग कार्य में महिला एवं बाल विकास विभाग का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जा सके।
बैठक में एनसीडी की समीक्षा के दौरान नागदा और खाचरौद में प्रतिदिन रिपोर्ट नहीं बनाये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कहा कि एनसीडी के अन्तर्गत प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार की जाये। जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि एनसीडी अभियान में खण्ड चिकित्सा अधिकारियों की रूचि नहीं है। साथ ही नियमित गतिविधियां और स्क्रीनिंग का कार्य भी नहीं किया जा रहा है। बड़नगर विकास खण्ड में पिछली बैठक से लेकर आज तक एनसीडी कार्यक्रम में कोई विशेष प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और इसे तत्काल सुधार करने के निर्देश दिये। मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में एएनसी कवरेज लगभग 86 प्रतिशत है। तराना विकास खण्ड में अपेक्षाकृत प्रगति कम पाई गई है। एएनसी के जितने भी केस चिन्हांकित होते हैं, उन्हें रजिस्टर में दर्ज नहीं किये जाने पर कलेक्टर श्री शशांक मिश्र द्वारा आईसीडीएस और सीडीपीओ के विरूद्ध नाराजगी व्यक्त की गई तथा सम्बन्धितों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिये।
जिले में हाईरिस्क प्रकरणों की प्रतिमाह चेकलिस्ट बनाकर हर सप्ताह रिपोर्ट को नियमित रूप से चेक करने के लिये कहा। साथ ही हाईरिस्क प्रकरणों की समय-समय पर काउंसलिंग किये जाने के निर्देश भी दिये। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा कलेक्टर को जानकारी दी गई कि जिले में नौ ऐसे हेल्थ और वेलनेस सेन्टर है, जिनके द्वारा समय पर रिपोर्टिंग नहीं की जा रही है और इस वजह से पोर्टल पर प्रगति जीरो प्रदर्शित हो रही है।
कलेक्टर द्वारा निर्देश दिये गये कि जिन स्थानों पर कम्युनिटी हेल्थ आफिसर के पद रिक्त हैं, वहां एएनएम के माध्यम से रिपोर्टिंग करवाई जाये और ऐसे कम्युनिटी हेल्थ आफिसर जिन्होंने आदेश जारी होने के पश्चात पदस्थापना स्थल पर कार्य ग्रहण नहीं किया है या जो कार्य ग्रहण करने के पश्चात ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं हैं, उन सबकी जानकारी बनाकर उसे रिक्त बताकर राज्य शासन से मार्गदर्शन प्राप्त किया जाये, ताकि रिक्त पदों की भर्ती की जा सके।
एनआरसी की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में 5590 बच्चे कम वजन के चिन्हित किये गये है। कलेक्टर ने कहा कि जिले से हमें पूर्ण रूप से कुपोषण को मिटाना है, अत: चिन्हित किये गये कम वजन के बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्हें उचित उपचार और पोषण आहार उपलब्ध करवाया जाये तथा समय-समय पर कम वजनी और कुपोषण से ग्रस्त बच्चों का फालोअप लिया जाये। पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश समस्त सीडीपीओ को दिये गये।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत तराना में लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र समय पर वितरित नहीं किये जाने पर तराना सीडीपीओ के प्रति कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की तथा तुरन्त प्रमाण-पत्र का वितरण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। उज्जैन जिले में शिशु जन्म लिंगानुपात बड़नगर में कम पाये जाने पर इसका सेक्टरवाइज विश्लेषण करने के लिये कहा।
एएनसी पंजीयन की स्थिति विकास खण्ड महिदपुर और तराना में निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध अत्यन्त कम पाई गई थी। पंजीकरण के आंकड़ों को लेकर महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग को कलेक्टर द्वारा निर्देश दिये गये कि दोनों विभाग आपसी समन्वय से रिपोर्ट बनायें। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी सांख्यिकी विभाग से समन्वय कर जनसंख्या के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करें। कलेक्टर द्वारा खाचरौद और बड़नगर विकास खण्ड की लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धी कम होने पर असंतोष व्यक्त किया गया और आगामी बैठक में एएनसी पंजीयन 85 प्रतिशत से कम रहने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
जिले में गर्भवती महिलाओं के प्रथम त्रैमासिक प्रकरणों के पंजीयन की समीक्षा के दौरान महिदपुर में पंजीयन कार्य में सुधार लाने के लिये कहा। स्वास्थ्य विभाग के सीएम हेल्पलाइन में सर्वाधिक लम्बित प्रकरण खाचरौद विकास खण्ड के थे। इनमें प्रसूति सहायता योजना के अन्तर्गत कई प्रकरणों में राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई थी। कलेक्टर ने उक्त समस्त लम्बित प्रकरणों का शीघ्र-अतिशीघ्र निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनुसुईया गवली सिन्हा, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री साबिर अहमद सिद्धिकी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.केसी परमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिता भिलवार व डॉ.एसके अखंड, जिला क्षय अधिकारी डॉ.सुनीता परमार, माधव नगर अस्पताल के डॉ.महेश मरमट, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ.परविंदर बग्गा, आरबीएसके कॉर्डिनेटर सुश्री विनिशा, जिला मलेरिया अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर मेडिकल आफिसर्स, डीईआईएम, बीईई, बीपीएम, बीएएम, बीसीएम और एसीएम सहित अन्य अधिकारी और स्टाफ मौजूद था।