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कलेक्टर ने शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर समीक्षा की
February 10, 2020 • अपूर्व देवड़ा • उज्जैन शहर

उज्जैन। कलेक्टर शशांक मिश्र ने आज 10 प्रात: सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर निर्देश दिये कि जिन महाविद्यालयों में वर्ष 2018-19 के छात्रवृत्ति के लम्बित आवेदनों का निराकरण यथाशीघ्र किया जाये, ताकि समय पर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा सके। बैठक में कलेक्टर ने वर्ष 2019-20 के आवेदनों की प्रक्रिया एवं एमपीटास पोर्टल की समीक्षा की। कलेक्टर ने महाविद्यालय के प्राचार्यों को निर्देश दिये कि आदिम जाति कल्याण विभाग एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विभाग को इस आशय का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाये कि उनके महाविद्यालय में अब अजा, जजा एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का कोई प्रकरण लम्बित नहीं है।

बैठक में निर्देश दिये कि अजा, जजा के छात्रों के आवेदनों के साथ केव्हायसी प्रोफाईल पंजीयन अनिवार्य रूप से कराई जाये। महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिये कि नोडल संस्थाओं द्वारा छात्रों के आवेदनों के परीक्षण में पाई गई कमियों की पूर्ति पश्चात ही अशासकीय संस्थाएं आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत करें। शासकीय नोडल संस्थाओं में अशासकीय संस्था लिंक की गई है, उनमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। छात्रवृत्ति के आवेदन कार्यालयीन परीक्षण/जांच दल के द्वारा ली गई आपत्तियों की पूर्ति भी समय-सीमा में करने के निर्देश दिये। नवीनीकरण के छात्रवृत्ति आवेदनों पर छात्र का संस्था में प्रथम बार प्रवेश की तिथि अनिवार्य रूप से अंकित करने के निर्देश भी सम्बन्धितों को दिये हैं।

बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग की जिला संयोजक श्रीमती रंजना सिंह ने पावर पाइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से अजा, जजा छात्रों की छात्रवृत्ति, आवास सहायता योजना, एमपीटास पोर्टल पर नवीनीकरण आवेदनों हेतु संस्था स्तर से की जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी सम्बन्धितों को दी। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सहायक संचालक सुश्री अनुराधा सकवार ने भी पावर पाइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने बैठक में महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिये कि छात्रवृत्ति के लम्बित आवेदनों के प्रकरणों का एक माह के अन्दर निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अन्तर्गत आने वाली समस्याओं का विभाग एवं महाविद्यालय समन्वय स्थापित कर निराकरण किया जाये।
कलेक्टर ने परीक्षाओं की तैयारियों के सम्बन्ध में
समीक्षा कर दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
कलेक्टर श्री शशांक मिश्र ने इसके पूर्व शिक्षा विभाग एवं सर्वशिक्षा अभियान के द्वारा परीक्षाओं की तैयारियों के सम्बन्ध में की गई व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में समीक्षा कर निर्देश दिये कि अधिकारी मॉनीटरिंग सही करें और परीक्षाओं में नकल न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाये। बैठक में कलेक्टर ने कक्षा 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षा आदि की समीक्षा की और निर्देश दिये कि स्कूलों में पढ़ाई नियमित रूप से हो। प्रीबोर्ड की परीक्षा की कापी समय पर जांच कर विद्यार्थियों को दिखाई जाये। कापी का विश्लेषण कर जिस उद्देश्य से विद्यार्थी प्रश्नों के हल नहीं कर पाये, उन उद्देश्यों को पूरा कर विद्यार्थियों को पुन: पढ़ाया जाकर उनके द्वारा की गई गलतियों को बताकर त्रुटि सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाये। जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री रमा नाहटे ने पावर पाइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देते हुए अवगत कराया कि अकादमिक उन्नयन के अन्तर्गत किये जाने वाले प्रयास की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रीबोर्ड परीक्षा के उपरान्त परीक्षाफल के आधार पर कक्षा 10वी में 40 प्रतिशत से कम परीक्षाफल वाले 33 एवं ‘मिशन-1000’ के 12 विद्यालयों की सघन मॉनीटरिंग ज्ञानपुंज के दो दल जिला शिक्षा अधिकारी, एडीपीसी एवं बीईओ द्वारा की जा रही है। इन महाविद्यालयों में ‘डी’ एवं ‘ई’ ग्रेड विद्यार्थियों के लिये प्रत्येक शाला में कक्षाओं का संचालन प्रात: से शाम तक किया जा रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वल्पाहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार जिले में 157 शालाओं में भी कक्षा 10वी के ‘डी’ एवं ‘ई’ ग्रेड के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।

कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस सम्बन्ध में निरन्तर अपने स्तर पर मॉनीटरिंग कर रिजल्ट बेहतर लायें। इसी प्रकार कलेक्टर ने सर्वशिक्षा अभियान के द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा कर कक्षा 5वी, 8वी के परीक्षा परिणाम की भी समीक्षा की। बैठक में सम्बन्धित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित थे।