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सड़क डायवर्शन के प्रकरणों में मुआवजा राशि देने से पहले पूर्ण सतर्कता बरती जाये - कमिश्नर
March 16, 2020 • अपूर्व देवड़ा • उज्जैन शहर

उज्जैन। उज्जैन संभाग कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवाएं, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क, सेतु निगम, मप्र सड़क विकास निगम एवं गृह निर्माण मण्डल के चल रहे कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सड़कों के प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये और कहा कि सड़कों की प्रस्तावनाओं के दौरान जो लागत राशि निर्धारित थी, उसी राशि में सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण किये जायें। सड़कों की लागत राशि अतिरिक्त न बढ़ाई जाये। उन्होंने सड़कों के डायवर्शन के दौरान आठ से 10 साल के पुराने प्रकरणों में वर्तमान में किये जा रहे मुआवजा राशि के क्लेम की व्यापक रूप से छानबीन करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुराने प्रकरणों में मुआवजा राशि स्वीकृत करने से पहले अतिरिक्त सतर्कता से कार्य किया जाये। पूरी जांच के बाद ही मुआवजा राशि स्वीकृत की जाये। बताया गया कि संभाग में ऐसे 105 सड़कों में मुआवजा राशि के प्रकरण लम्बित है। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि संभाग के सभी जिलों के ऐसे प्रकरण बुलाकर बैठक कर उन सब प्रकरणों को निराकृत किया जाये।
कमिश्नर ने बैठक में निर्देश दिये कि यदि कॉन्ट्रेक्टर सड़कों के निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं तो ऐसे कॉन्ट्रेक्टरों को बदल कर नये कॉन्ट्रेक्टरों को कार्य सौंपा जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी भौतिक कार्य अधूरा न रहे और समय पर पूर्ण हो जाये। बताया गया कि पूरे संभाग में लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत 428 मार्ग संचालित हैं, जिनमें तीन किलो मीटर तक की सड़क भी शामिल है। उन सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रगतिरत है।
कमिश्नर श्री शर्मा ने आरईएस के कार्यों की भी समीक्षा की। बताया गया कि विभाग के अन्तर्गत 9 सड़क स्वीकृत है, जिनके निर्माण का कार्य जून तक पूर्ण हो जायेगा। साथ ही 19 ग्राम सरोवर का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूर्ण हो जायेगा। खेल मैदानों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि ग्राम सरोवरों के निर्माण के समय लोकेशन का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि इन सरोवरों में मत्स्य विभाग हितग्राहियों से मछली पालन करवाये। उन्होंने खेल मैदानों के निर्माण में हो रही धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। साथ ही कहा कि जो खेल मैदान बन चुके हैं, उन खेल मैदानों में खेल गतिविधियां लगातार की जाये। उन्होंने सभी जनपद पंचायत को इस आशय का पत्र जारी करने के भी निर्देश दिये। कमिश्नर ने हेल्थ सेन्टर, छात्रावासों के निर्माण की जानकारी ली। साथ ही गौशाला निर्माण की भी जानकारी ली। बताया गया कि उज्जैन संभाग में 157 गौशाला निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिनमें से 65 गौशाला का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिये कि गौशाला में पानी एवं बिजली की पर्याप्त व्यवस्था करने के बाद ही उन्हें ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर किया जाये। उन्होंने कहा कि उनके निरीक्षण के दौरान यह देखने में आया है कि गौशाला में 5 से 7 गाय मिलती है, जबकि गौशालाओं की क्षमता 100 गायों की है। उन्होंने निर्देश दिये कि सम्बन्धित विभाग सड़कों पर विचरण करने वाली गायों को गौशाला में रखवाना सुनिश्चित करें। बैठक में उपायुक्त गृह निर्माण मण्डल ने बताया कि उज्जैन में आईटीआई भवन का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा कर लिया जायेगा। चरक अस्पताल में 18ए एवं 18बी क्वाटर बनाये जा रहे हैं। गयाकोटि तीर्थ का कार्य प्रगति पर है। सिद्धवट का कार्य भी प्रगति पर है। छोटे-छोटे मन्दिर एवं अन्य निर्माण कार्य अप्रैल माह में पूर्ण कर लिये जायेंगे। संभाग में 28 महाविद्यालय के निर्माण का कार्य प्रारम्भ है। 22 उप स्वास्थ्य केन्द्र बनाने के लिये टेण्डर हो चुके हैं। आगर-मालवा में प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिये प्रस्ताव भिजवाया गया है। सेतु निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सड़कों के निर्माण के दौरान बनाये जाने वाले पुल एवं ब्रिज का निर्माण कार्य भी समय रहते पूर्ण किया जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की यदि कठिनाई आती है तो उन्हें तत्परता से अवगत कराया जाये। बताया गया कि जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत छोटे डेम का निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जायेगा। शाजापुर एवं रतलाम में नदी पुनर्जीवन पर भी कार्य किया जाना है।
कमिश्नर ने बैठक में देवास-उज्जैन-बड़नगर रोड, पचोर-शुजालपुर-आष्टा रोड, उज्जैन-उन्हेल-नागदा रोड, नेवरी-चावड़ा-हाटपिपल्या रोड, नागदा-बनबना-मोरखेड़ा-महिदपुर-ताजपुर रोड की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। साथ ही रोड नवीनीकरण की स्थिति की जानकारी भी अधिकारियों से ली।
बैठक में सभी सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।