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सर्दी-जुकाम के मरीज घर पर ही रहकर अपना इलाज करें, 31 मार्च तक ऑनलाइन पंजीयन शुल्क जमा करने पर पुरानी गाईड लाइन से ही अप्रैल माह में रजिस्ट्री हो सकेगी
March 21, 2020 • EDITOR • उज्जैन शहर

उज्जैन। प्रदेश के मुख्य सचिव श्री गोपाल रेड्डी ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रदेश के सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स से चर्चा कर दिशा-निर्देश जारी किये। वीसी में बताया गया कि सामान्य सर्दी-जुकाम के मरीजों को अस्पताल में जाकर भीड़ बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, वे घर पर ही रहकर अपना इलाज करवा सकते हैं। आवश्यकता होने पर उन्हें घर पर ही औषधी उपलब्ध करवाई जायेगी। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पूर्व पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री कराने वालों की बढ़ती हुई भीड़ के मद्देनजर राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि जो भी व्यक्ति रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान 31 मार्च के पूर्व कर देगा, उसकी अप्रैल माह में भी रजिस्ट्री पुरान गाईड लाइन के हिसाब से की जायेगी। ऑनलाइन शुल्क जमा करने की रसीद पंजीयन कार्यालय में बताना आवश्यक होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में एनआईसी उज्जैन से संभागायुक्त श्री आनन्द कुमार शर्मा, आईजी श्री राकेश गुप्ता, डीआईजी श्री मनीष कपूरिया, कलेक्टर श्री शशांक मिश्र एवं पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर, आयुक्त नगर निगम श्री ऋषि गर्ग, एडीएम श्री आरपी तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनुसुईया गवली सहित विभिन्न संभागीय अधिकारी शामिल हुए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में दिये गये प्रमुख निर्देश
• कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने हेतु सभी निमोनिया से पीड़ित मरीजों की जांच की जाये।
• रबी खरीदी केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाये।
• कृषि उपज मंडियों में भीड़ एकत्रित न हो, इसके प्रयास किये जायें।
• बीमारी के बारे में एवं अपनी यात्राओं की जानकारी छुपाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध  कार्यवाही की जाये।
• सभी शासकीय व निजी चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजेस आदि में खाली बेड्स की संख्या बढ़ाई जाये एवं इनकी जानकारी जिला स्तर पर रखी जाये।
• प्रायवेट अस्पताल के चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाये।
• अस्पतालों में व्यवस्था बनाने के लिये होमगार्ड्स की ड्यूटी लगाई जाये।
• रैन बसेरों एवं अन्य निजी भवनों का अधिग्रहण कर कलेक्टर्स इनका उपयोग क्वारेन्टाईन के लिये कर सकेंगे।
• स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम एवं कॉल सेन्टर का उपयोग कोरोना वायरस से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग के काम के लिये किया जा सकेगा।
• शासकीय अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले सर्दी-जुकाम के मरीजों की पृथक से खुले में लाइन लगाई जाये एवं मरीजों के बीच एक मीटर की दूरी के नियम का पालन किया जाये।
• पुलिस अस्पताल के चिकित्साकर्मियों को भी इस बीमारी से लड़ने के लिये प्रशिक्षण दिया जाये।